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बिहार की पारंपरिक पोशाक: सादगी और लालित्य

बिहार के पारंपरिक कपड़ों पर एक नजर, जो राज्य की कृषि जड़ों, सांस्कृतिक मूल्यों और सादगी को दर्शाते हैं।

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अहिंसा की विरासत: दुनिया को बिहार का उपहार

बिहार वह भूमि है जहाँ अहिंसा के सिद्धांत को दुनिया के दो सबसे बड़े आध्यात्मिक नेताओं, भगवान बुद्ध और भगवान महावीर द्वारा गहराई से आकार और प्रचारित किया गया था।

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बिदेसिया की परंपरा: भिखारी ठाकुर का लोक रंगमंच

भिखारी ठाकुर द्वारा निर्मित एक शक्तिशाली लोक नाट्य रूप, बिदेसिया का अन्वेषण करें, जिसने भोजपुरी भाषी लोगों के सामाजिक मुद्दों और भावनाओं को आवाज दी।

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पटना कलम: चित्रकला की खोई हुई शैली

पटना कलम की कहानी की खोज करें, जो 18वीं और 19वीं शताब्दी के दौरान बिहार में फली-फूली चित्रकला की एक अनूठी शैली है।

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बिहार की भाषाई विविधता

बिहार कई भाषाओं की भूमि है, जिसमें मैथिली, मगही, भोजपुरी और अंगिका जैसी भाषाओं और बोलियों का एक समृद्ध ताना-बाना है।

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सुजनी कढ़ाई: बिहार की रजाई कला

सुजनी कढ़ाई के पारंपरिक शिल्प की खोज करें, जहाँ पुराने कपड़ों को बिहार की महिलाओं द्वारा सुंदर कथात्मक रजाई में बदल दिया जाता है।

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भोजपुरी सिनेमा: 'भोजवुड' की जीवंत दुनिया

भोजपुरी फिल्म उद्योग, इसके इतिहास, सांस्कृतिक प्रभाव और उन महानायकों का अन्वेषण जिन्होंने इसे एक क्षेत्रीय पावरहाउस बनाया है।

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अनंत चतुर्दशी: आस्था और सुरक्षा का त्योहार

अनंत चतुर्दशी भगवान विष्णु को समर्पित एक त्योहार है, जहाँ भक्त सुरक्षा और समृद्धि के लिए अपनी बांह पर एक पवित्र धागा बांधते हैं।

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बिहार में गुरु पूर्णिमा का महत्व

गुरु पूर्णिमा आध्यात्मिक और अकादमिक शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए समर्पित एक दिन है, जिसे बुद्ध और महावीर जैसे प्राचीन गुरुओं की भूमि में श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।

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मिथिला में 'चौरचन' की परंपरा

चौरचन मिथिला क्षेत्र का एक अनूठा त्योहार है, जो गणेश चतुर्थी पर मनाया जाता है, जिसमें चंद्रमा की पूजा शामिल है।

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