बिहार में गुरु पूर्णिमा का महत्व

✍️ A. K. Sharma
📅 15 अक्टूबर 2025📂 Festivals
बिहार में गुरु पूर्णिमा का महत्व
गुरु पूर्णिमा आध्यात्मिक और अकादमिक शिक्षकों को समर्पित एक आध्यात्मिक परंपरा है। आषाढ़ के हिंदू महीने में पूर्णिमा के दिन मनाया जाने वाला यह त्योहार बिहार में विशेष महत्व रखता है, एक ऐसी भूमि जो ज्ञान का उद्गम स्थल रही है और गौतम बुद्ध, भगवान महावीर, और चाणक्य जैसे महान गुरुओं का घर रही है।,इस दिन, शिष्य और छात्र अपने गुरुओं को अपना सम्मान देते हैं। राज्य भर के आश्रमों और आध्यात्मिक केंद्रों में, विशेष प्रार्थनाएं और सत्संग (आध्यात्मिक प्रवचन) आयोजित किए जाते हैं। यह शिक्षकों से प्राप्त ज्ञान और मार्गदर्शन के लिए कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है, जिन्हें अंधकार और अज्ञान को दूर करने वाला माना जाता है।,यह त्योहार धार्मिक सीमाओं से परे है, क्योंकि लोग अपने अकादमिक शिक्षकों, आकाओं और किसी भी व्यक्ति का सम्मान करते हैं जिसने उन्हें ज्ञान प्रदान किया है। बिहार में गुरु पूर्णिमा कालातीत 'गुरु-शिष्य' परंपरा की एक हार्दिक स्वीकृति है जो भारतीय संस्कृति और शिक्षा का आधार रही है, एक ऐसी परंपरा जो नालंदा विश्वविद्यालय और आधुनिक पटना विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों द्वारा सन्निहित है।
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