मुजफ्फरपुर की लाह की वस्तुएं: 'लहठी' की कला

मुजफ्फरपुर न केवल अपनी शाही लीची के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि अपनी सुंदर लाह की वस्तुओं, विशेष रूप से 'लहठी' के नाम से जानी जाने वाली रंगीन चूड़ियों के लिए भी प्रसिद्ध है। यह पारंपरिक शिल्प पीढ़ियों से कारीगरों, मुख्य रूप से लखेरा समुदाय द्वारा, प्रचलित है।,इस प्रक्रिया में लाख का उपयोग शामिल है, जो कीड़ों द्वारा स्रावित एक प्राकृतिक राल है, जिसे गर्म किया जाता है और चूड़ियों के आकार में ढाला जाता है। फिर इन्हें दर्पण, मोतियों और रंगीन पत्थरों का उपयोग करके जटिल डिजाइनों से सजाया जाता है। शिल्प कौशल अत्यधिक कुशल है, जिसके लिए एक स्थिर हाथ और विस्तार के लिए गहरी नजर की आवश्यकता होती है।,लहठी चूड़ियाँ बिहार में एक विवाहित महिला की पोशाक का एक अनिवार्य हिस्सा हैं और इन्हें शुभ माना जाता है। वे विशेष रूप से तीज और छठ पूजा जैसे त्योहारों और बिहारी शादियों के लिए मांग में हैं। यह जीवंत शिल्प बिहार की समृद्ध कलात्मक विरासत का एक सुंदर उदाहरण है, जो सिक्की घास शिल्प के समान है।
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