अनुग्रह नारायण सिन्हा

अनुग्रह नारायण सिन्हा
Politics
प्रसिद्ध कार्य: बिहार के प्रथम उप मुख्यमंत्री
जिला: aurangabad
जन्म: 6/18/1887
मृत्यु: 7/5/1957

जीवनी

एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी और बिहार के पहले उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री।

योगदान

18 जून 1887 को औरंगाबाद जिले (तत्कालीन गया) के पोइयावन गांव में विश्वेश्वर दयाल सिंह के घर जन्मे अनुग्रह नारायण सिंह बचपन से ही देशभक्ति से ओतप्रोत थे। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से 1914 में इतिहास में M.A. किया और कुछ समय T.N.B. कॉलेज, भागलपुर में पढ़ाया। महात्मा गांधी से प्रभावित होकर उन्होंने 1917 में अपनी वकालत छोड़कर चंपारण सत्याग्रह में भाग लिया। यह उनकी आजीवन अहिंसक संघर्ष की शुरुआत थी। वे असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन (1933-34 में 15 महीने जेल) और भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय रहे। 1934 के बिहार-नेपाल भूकंप में राहत कार्यों का नेतृत्व किया। स्वतंत्रता के बाद 2 अप्रैल 1946 को वे बिहार के प्रथम उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री बने – श्रीकृष्ण सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में। वे 1957 तक इस पद पर रहे। महत्वपूर्ण: अनुग्रह नारायण सिंह कभी बिहार के मुख्यमंत्री (CM) नहीं बने। वे लगातार उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रहे (1946–1957)। उन्होंने वित्त, श्रम, स्थानीय स्वशासन, लोक निर्माण, स्वास्थ्य और कृषि जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाले। श्रीकृष्ण सिंह के साथ मिलकर उन्होंने बिहार को आधुनिक बनाने में अभूतपूर्व योगदान दिया। यहाँ श्रीकृष्ण सिंह और अनुग्रह बाबू की प्रसिद्ध जोड़ी की तस्वीर है: (Previous image render remains the same) उनके पुत्र सत्येंद्र नारायण सिंह भी बिहार के मुख्यमंत्री बने। डॉ. अनुग्रह बाबू एक सच्चे गांधीवादी थे – सरल, ईमानदार और दूरदर्शी। उनकी स्मृति आज भी बिहारवासियों के दिलों में जिंदा है। बिहार विभूति अमर रहें! 🇮🇳

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