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बिहार में ईद: आस्था और भाईचारे का उत्सव
ईद-उल-फितर और ईद-उल-अधा बिहार में बड़े उत्साह के साथ मनाए जाते हैं, जो राज्य के समृद्ध सांस्कृतिक संश्लेषण और सांप्रदायिक सद्भाव को प्रदर्शित करते हैं।
और पढ़ें →बिहार में दिवाली: एक स्थानीय स्वाद के साथ रोशनी का त्योहार
बिहार में दिवाली के उत्सव का अनुभव करें, जहाँ रोशनी का त्योहार अनूठे स्थानीय रीति-रिवाजों और परंपराओं द्वारा चिह्नित है।
और पढ़ें →नाग पंचमी: सर्प उत्सव
नाग पंचमी 'नागों' या सर्पों की पूजा को समर्पित एक पारंपरिक हिंदू त्योहार है, जो पूरे बिहार में अनूठे अनुष्ठानों के साथ मनाया जाता है।
और पढ़ें →राजगीर महोत्सव: संस्कृति और इतिहास का उत्सव
राजगीर महोत्सव एक वार्षिक तीन दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव है जो संगीत, नृत्य और कला के माध्यम से बिहार की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करता है।
और पढ़ें →जितिया: एक माँ की अपने बच्चों के लिए प्रार्थना
जीवित्पुत्रिका, जिसे जितिया के नाम से जाना जाता है, एक तीन दिवसीय त्योहार है जहाँ माताएँ अपने बच्चों की भलाई और लंबी उम्र के लिए एक सख्त उपवास रखती हैं।
और पढ़ें →महावीर जयंती: शांति के दूत का उत्सव
24वें जैन तीर्थंकर, भगवान महावीर की जयंती, महावीर जयंती, उनके जन्मस्थान बिहार में बड़े भक्तिभाव से मनाई जाती है।
और पढ़ें →बोधगया में बुद्ध पूर्णिमा: ज्ञान का एक दिन
बुद्ध पूर्णिमा, जो गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान और मृत्यु का स्मरण कराती है, बोधगया में बड़े सम्मान के साथ मनाई जाती है।
और पढ़ें →रसिया: छठ पूजा की गुड़ की खीर
रसिया एक विशेष प्रकार की खीर है जो चीनी के बजाय गुड़ से बनाई जाती है, जिसे छठ पर्व के दौरान एक पवित्र प्रसाद के रूप में तैयार किया जाता है।
और पढ़ें →दाल पुरी: त्योहार की भरी हुई रोटी
बिहार में एक उत्सव का व्यंजन, दाल पुरी एक नरम, तली हुई रोटी है जो एक स्वादिष्ट और मसालेदार दाल की भरावन से भरी होती है।
और पढ़ें →मखाना खीर: एक स्वस्थ और मलाईदार मिठाई
फॉक्स नट्स (मखाना), दूध और चीनी से बनी एक स्वादिष्ट और पौष्टिक खीर, जो बिहार के मिथिला क्षेत्र में लोकप्रिय है।
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